All India Institute of Speech and Hearing

मोनी है सचमुच बहादुर

मोनी है सचमुच बहादुर

Category: Public Education Materials
Author(s): एन. श्रीनिवास
Copyright Year: 2005
Pagination: 34
Material Type: Print
Language: Hindi
Dimensions:0.00x0.00x0.00
Availability:
1000
Price: ₹7.50
Description

न्यूनताग्रस्तों को हमारी सहानुभूति की नहीं बल्कि प्यार की आवश्यकता है। उनके प्रति स्नेह और अपनापन चाहिए। इस बात को इस पुस्तिका के लेखक श्री. न.श्रीनिवासजी ने अत्यंत ह्रुदयस्पर्शी रूप में बताया है। यहाँ चित्रित किया गया है कि चतुर मोनी जैसे लोग न्यूनता के शिकार होते है तथा हम प्यार और अपनेपन से उनकी ज़िदगी को मधुर कैसे बना सकते हैं। 

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Product Code: PE-63-Hn-P-P-1